NCERT Class 9 Hindi Sparsh Bhaag 1 Tenth Chapter Pad Exercise Question Solution

NCERT Class 9 Hindi Sparsh Bhaag 1 Tenth Chapter Pad Exercise Question Solution

पद

(1) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए –

(क) पहले पद में भगवान और भक्त की जिन – जिन चीजों से तुलना की गई है , उनका उल्लेख कीजिए।

Ans :- भगवान की चंदन से , भक्त की पानी से

भगवान की सुहागे से , भक्त की सोने से

भगवान की मोती से।, भक्त की धागे से

भगवन की दीपक से , भक्त की बाती से

भक्त की चंद्र से , भगवन की चकोर से

भगवान की बन से , हक्त की मोर से

(ख) पहले पद की प्रत्येक पंक्ति के अंत में तुकांत शब्दों के प्रयोग से नाद – सौंदर्य आ गया है , जैसे – पानी , समानी आदि।   इस पद में से अन्य तुकांत शब्द छाँटकर लिखिए।

Ans :-  धागा — सुहागा

बाती — राती

दासा — रैदासा

मोरा — चकोरा

(ग) पहले पद में कुछ शब्द अर्थ की दृष्टि से  परस्पर संबंद्ध हैं। ऐसे शब्दों को छाँटकर लिखिए —

उदाहरण : दीपक —  बाती

Ans :- दासा  — स्वामी

चंदन —  पानी

घन बन — मोर

मोती – धागा

(घ) दूसरे पद में कवि ने ‘ गरीब निवाजु ‘ किसे कहा है ? स्पष्ट कीजिए।

(ङ) दूसरे  पद की ‘ जाकी छोति जगत कउ लागै ता पर नहीं ढरै ‘ इस पंक्ति का आशय स्पस्ट कीजिए।

(च) ‘रैदास ‘ ने अपने स्वामी को किन – किन नामों से पुकारा है ?

Ans :- ‘रैदास ‘ ने अपने स्वामी को गरीब निवाज़ , गुसईया , लाला प्रभु आदि नामों से पुकारा है।

(छ) निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित रूप लिखिए —

मोरा , चंद , बाती , बरै , राति , छत्रु , धरै , छोती , तुहीं , गुसईया

Ans :- मोरा – मोर

चंद – चन्द्रमा

बाती – बत्ती

बरै – जले

राति – रात

छत्रु  – छत्र

धरै – रखे

छोती – छुआछूत

तुहीं – तुम्हीं

गुसईया – गौसाई

(2) निचे लिखी पंक्तियों का भाव स्पष्ट कीजिए —

(क) जाकी अँग – अँग बास समानी

(ख) जैसे चितवत चंद चकोरा

(ग) जाकी जोति बरै दिन राती

(घ) ऐसी लाल तुझ बिनु कउनु करै

(ङ) नीचहु ऊच करै मेरा गोबिंदु काहू ते न डरै

(3)  रैदास के इन पदों का केंद्रीय भाव अपने शब्दों में लिखिए।

योग्यता – विस्तार

(1) भक्त कवि कबीर , गुरु नानक , रामदेव और मीराबाई की रचनाओं का संकलन कीजिए।

(2) पाठ में आए दोनों पदों को याद कीजिए और कक्षा में गाकर सुनाइए।


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