NCERT Class 4 Hindi Twelfth Chapter सुनीता की पहिया कुर्सी Exercise Question Solution

NCERT Class 4 Hindi Twelfth Chapter Sunita Ki Pahiya Kursi Exercise Question Solution

सुनीता की पहिया कुर्सी

कहानी से

(१) सुनीता को सब लोग गौर से क्यों देख रहे थे?

Ans :- सुनीता अपने पैरों से नहीं चल सकती थी। वह अपनी पहिया कुर्सी पर बैठ कर चल रही थी इसीलिए सब उसे गौर से देख रहे थे।

(२) सुनीता को दुकानदार का व्यवहार क्यों बुरा लगा?

Ans :- दुकानदार ने चीनी सुनीता के हाथ में देने की बजाय, उसकी गोद में डाल दी थी। सुनीता को दुकानदार की दया नहीं चाहिए थी। वह चाहती थी कि उसके साथ अन्य लोगों की तरह समान व्यवहार किया जाए। लेकिन दुकानदार उसके समान व्यवहार नहीं कर रहा था। अपाहिज़ समझकर वह दया दिखा रहा था। दुकानदार का यह व्यवहार सुनीता को उसकी कमी की याद दिला रहा था इसलिए उसे दुकानदार का व्यवहार बुरा लगा।

मनाही

फ़रीदा की माँ ने कहा, “इस तरह के सवाल नहीं पूछने चाहिए।”

फ़रीदा पहिया कुर्सी के बारे में जानना चाहती थी पर उसकी माँ ने उसे रोक दिया।

(१) माँ ने फ़रीदा को क्यों रोक दिया होगा?

(२) क्या फ़रीदा को पहिया कुर्सी के बारे में नहीं पूछना चाहिए था? तुम्हें क्या लगता है?

(३) क्या तुम्हें भी कोई काम करने या कोई बात कहने से मना किया जाता है? कौन मना करता है? कब मना करता है?

Ans :- (१) फ़रीदा के प्रश्न सुनकर कहीं सुनीता को बुरा ना लग जाए इसलिए माँ ने फ़रीदा को प्रश्न पूछने से रोका होगा।

(२) फ़रीदा को इस विषय में नहीं पूछना चाहिए था। इससे सुनीता को बुरा लग सकता था।

(३) हाँ, मुझे मना किया जाता है। माँ मना करती है। जब मैं मिट्टी में खेलती हूँ, तो मुझे खेलने से मना किया जाता है।

कहानी से आगे

सुनीता ने कहा, “मैं पैरों से चल ही नहीं सकती।”

(१) सुनीता अपने पैरों से चल-फिर नहीं सकती। तुमने पिछले साल पर्यावरण अध्ययन की किताब आस-पास में रवि भैया के बारे में पढ़ा होगा। रवि भैया देख नहीं सकते फिर भी वे किताबें पढ़ लेते हैं।

वे किस तरह की किताबें पढ़ सकते हैं?

Ans :- वे ब्रेल लिपि की किताबें पढ़ सकते हैं।

उस तरह की किताबों के बारे में सबसे पहले किसने सोचा?

Ans :- इस प्रकार की किताब के बारे में लुई ब्रेल ने सोचा। उन्होंने इस तरह की किताबें सबसे पहले लिखी। वे भी दृष्टिहीन थे। अतः उन्होंने इस प्रकार की किताब लिखकर दृष्टिहीन लोगों के जीवन की दिशा बदल दी। इस लिपि को इन्हीं का नाम दिया गया है।


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